अब पुलिस पर हमला करने वाले को लगेगा स्टन गन का झटका

नई दिल्ली 
पीसीआर, ERV, पट्रोलिंग में तैनात पुलिसवालों और थानों में तैनात SHO को दिल्ली पुलिस जल्द ही स्टन गन से लैस करेगी। इस गन से चंद सेकंड के लिए हल्का झटका लगता है। इसके जरिए पुलिस हिंसक लोगों को ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना आसानी से उनपर काबू पा सकेगी। मुखर्जी नगर मामले से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने यह फैसला किया है। पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ पुलिस ट्रेनिंग में भी नई चीजें शामिल की जाएंगी। फील्ड में तैनात पुलिसवालों को मॉडर्न गैजेट देने की भी तैयारी है। स्टन गन उसी दिशा में उठाया गया कदम है। इस गन की खरीदारी की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। 
पुलिस की बेसिक ट्रेनिंग के दौरान भीड़ को कंट्रोल करने के तौर तरीके सिखाए जाते हैं। इसके बावजूद कई बार फील्ड में तैनात पुलिसवाले हालात को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। इसकी वजह से पुलिसवालों की ट्रेनिंग पर भी सवाल खड़े होते हैं। मुखर्जी नगर में हुई घटना के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ और सवाल उठे कि क्या पुलिसवाले हालात को और बेहतर और प्रफेशनल तरीके से हैंडल कर सकते थे। इसको देखते हुए पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने पुलिसवालों की ट्रेनिंग प्रक्रिया में कुछ नई चीजों को शामिल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। इसके जरिए पुलिसवालों को यह सिखाया जाएगा कि ऐसे हालात में उन्हें किस तरह बर्ताव करना चाहिए। साथ ही किस तरह संयम से काम लेकर प्रफेशनल तरीके से वह स्थिति को नियंत्रण में कर सकते हैं। 

एनबीटी से खास बातचीत में पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दिल्ली पुलिस में प्रफेश्नलिजम को बढ़ावा देने और इसमें सुधार लाने के लिए लगातार कोशिशें चल रही हैं। मुखर्जी नगर की घटना से काफी कुछ नए लर्निंग पॉइंट्स सामने आए हैं। पुलिसवालों की ट्रेनिंग को कैसे और बेहतर किया जा सकता है और इसमें किन-किन साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कमिश्नर ने कहा कि इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही ट्रेनिंग प्रक्रिया में कुछ नई चीजें शामिल की जाएंगी, जिससे ऐसी स्थिति पैदा न हो। 

कमिश्नर ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ट्रेनिंग विंग के अधिकारियों को इस काम पर लगाया गया है। वे यह देखें कि पुलिसवालों की बेसिक ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर दी जाने वाली ट्रेनिंग में ऐसे क्या-क्या सब्जेक्ट और कॉम्पोनेंट्स शामिल किए जा सकते हैं, जिनके जरिए पुलिसवाले गुस्साई भीड़ या किसी गुस्सैल और हिंसक प्रवृत्ति के व्यक्ति को ज्यादा कारगर ओर प्रफेशनल तरीके से हैंडल कर सके। ट्रेनिंग ब्रांच को स्पेशल टास्क के रूप में यह जिम्मा सौंपा गया है। साथ ही सदर्न और नॉर्दर्न रेंज के स्पेशल कमिश्नरों को भी इस विषय पर सुझाव देने और जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। 

कमिश्नर के मुताबिक, पुलिसवालों की ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स के दौरान अब उन्हें मॉक एक्सर्साइज के जरिए और ऐसी घटनाओं के विडियोज दिखाकर यह सिखाया जाएगा कि इस तरह के हालात को कैसे और बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता है। साथ ही ट्रेनिंग डिपार्टमेंट को कुछ नई शॉर्ट फिल्में बनवाने के लिए भी कहा गया है। उनके माध्यम से भी पुलिसवालों को हालात के मुताबिक सधा हुआ बर्ताव करने के लिए ट्रेंड किया जाएगा। इसके अलावा, मुखर्जी नगर की घटना में शामिल शख्स जैसे लोगों से निपटने के लिए कम से कम बल प्रयोग करके और सामने वाले को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना हालात को काबू किया जा सके। 

इन्फ्रास्ट्रक्चर के लेवल पर भी पुलिसवालों को कुछ नई सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि ऐसे हालात में वे अपना भी बचाव कर सकें और हमलावर को भी ज्यादा नुकसान न पहुंचे। अभी पुलिसवालों के पास या तो लाठी होती है या पिस्टल, मगर अब जल्द ही उन्हें स्टन गन्स दी जाएंगी। इस गन से चंद सेकंड्स के लिए एक बेहद हल्का, लेकिन टेंपररी झटका लगता है। दिल्ली पुलिस फील्ड में तैनात पुलिसवालों के लिए इसे ज्यादा बेहतर हथियार मानते हुए बड़ी संख्या में इन्हें खरीदने की तैयारी कर रही है। 

कमिश्नर ने बताया कि अभी दिल्ली पुलिस की पराक्रम वैन में तैनात स्टाफ के पास ये गन्स हैं। अब पीसीआर वैन, ईआरवी, रफ्तार पट्रोलिंग बाइक्स और थानों के एसएचओ को भी स्टन गन्स मुहैया कराई जाएंगी। 

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